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बिलासपुर: किराएदार रखने से पहले रहें सावधान, होटल लाज मकान मालिकों के लिए नए आदेश जारी, लापरवाही पर होगी कार्यवाही : khabar 36 Garh is News bilaspur chhattisgarh


किराएदारों की जानकारी स्थानीय पुलिस तक पहुंचाना जरूरी, नियमों की अनदेखी करने पर मकान मालिकों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें


Mohammad Nazir Hossain chief editor

ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर। शहर में मकान या दुकान किराए पर देने वाले मकान मालिकों को अब अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। किराएदार रखने से पहले उसकी पहचान और आवश्यक दस्तावेजों की जांच करना महत्वपूर्ण है।

पुलिस द्वारा निर्धारित किराएदार सत्यापन संबंधी नियमों का पालन नहीं करने पर मकान मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।बिलासपुर जिले में….किराये पर मकान देने से पहले अब मकान मालिकों को किरायेदार की पहचान और उसका पूरा ब्योरा पुलिस तक पहुंचाना होगा। बिलासपुर के नगरीय और बाहरी क्षेत्रों में अपराधों पर अंकुश लगाने तथा नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने 12 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके दायरे में पहले से किराये पर रह रहे लोग भी आएंगे। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध होगा

आदेश की प्रतियां संबंधित नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, पुलिस थानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर चस्पा करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि इसकी जानकारी आम लोगों तक पहुंच सके


मकान मालिकों को चाहिए कि वे किराएदार का पहचान पत्र, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी सुरक्षित रखें। साथ ही, स्थानीय पुलिस द्वारा किराएदार सत्यापन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान करने में पुलिस को सहायता मिल सके।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
कई बार मकान मालिक बिना पहचान की पुष्टि किए ही कमरा या मकान किराए पर दे देते हैं। ऐसी लापरवाही सुरक्षा की दृष्टि से परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए किराएदार रखने से पहले उसके दस्तावेजों की जांच करना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुलिस को जानकारी देना जरूरी है।
आधिकारिक आदेश की पुष्टि जरूरी
किराएदार सत्यापन के नियमों, समय-सीमा और कार्रवाई से संबंधित सटीक जानकारी के लिए बिलासपुर पुलिस या जिला प्रशासन के आधिकारिक आदेश की पुष्टि आवश्यक है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश जारी करने से पहले व्यक्तिगत सुनवाई संभव नहीं होने का उल्लेख करते हुए इसे एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और जारी होने की तारीख से दो महीने तक प्रभावी रहेगा।

पुलिस कप्तान रजनेश सिंह की अपील

पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने कहा कि अप्रवासियों की जांच और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए प्रतिवेदन भेजा गया था। अब उन लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा, जो समाधान ऐप के जरिए अथवा मैन्युअल तरीके से किरायेदारों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराएंगे। उन्होंने मकान मालिकों, पीजी हॉस्टल संचालकों और किराये पर कमरे उपलब्ध कराने वालों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले सभी किरायेदारों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं।

नियम तोड़ा तो दर्ज होगा अपराध

प्रशासन ने आदेश के उल्लंघन को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध बताया है। ऐसे में मकान होटल लाज मालिकों के लिए किरायेदारों का सत्यापन और निर्धारित जानकारी पुलिस तक पहुंचाना जरूरी होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य किराये के मकानों में छिपकर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ना एवं नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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