विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया: ओ.पी. चंद्रवंशी” khabar 36 Garh is news bilaspur chhattisgarh

व्यक्ति में इच्छाशक्ति, समय-प्रबंधन और निरंतर प्रयास की भावना हो, तो खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की जा सकती है: सुश्री ज्योति रॉय, अधिवक्ता, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय

“परिस्थितियां कैसी भी हों, रुकना नहीं है”—नयनतारा शर्मा कॉलेज में ओ.पी. चंद्रवंशी ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र

Mohammad Nazir Hossain chief editor
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर। नयनतारा शर्मा महाविद्यालय, पंधी में आयोजित सेमिनार सप्ताह के द्वितीय दिवस विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शनपरक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्री ओ. पी. चंद्रवंशी, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट, गनीयारी तथा सुश्री ज्योति रॉय, अधिवक्ता, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में श्री ओ. पी. चंद्रवंशी ने विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को रुकना नहीं चाहिए, बल्कि अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहकर निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, धैर्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की सीख दी।
वहीं सुश्री ज्योति रॉय ने विद्यार्थियों को खेल-कूद के साथ शिक्षा और करियर में संतुलन स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं राष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग में भाग लिया है तथा लगभग 18 मैराथन दौड़ में हिस्सा लिया है। खेलों के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए आज वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में सफल अधिवक्ता के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि व्यक्ति में इच्छाशक्ति, समय-प्रबंधन और निरंतर प्रयास की भावना हो, तो खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
दोनों वक्ताओं ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर एवं सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रेरणादायी विचारों से विद्यार्थी काफी प्रभावित हुए और उन्हें अपने भविष्य को लेकर नई दिशा एवं प्रेरणा प्राप्त हुई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के डायरेक्टर एवं चेयरमैन श्री प्रांजल धर शर्मा, प्राचार्य डॉ. सुलक्षना वास्निक, सह-प्राचार्य डॉ. शशिकांत शुक्ला सहित महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
महाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें ऐसे व्यक्तित्वों से रूबरू कराना आवश्यक है, जिन्होंने अपने जीवन में संघर्षों का सामना करते हुए सफलता का मुकाम हासिल किया है। इसी उद्देश्य से महाविद्यालय में समय-समय पर ऐसे प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शनपरक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे सफल एवं संघर्षशील व्यक्तित्वों को महाविद्यालय में आमंत्रित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जागरूकता, सकारात्मक सोच एवं शिक्षा के प्रति गंभीरता विकसित हो और वे अपने भविष्य को बेहतर दिशा प्रदान कर सकें।यह वाला संस्करण मुझे भी पहले वाले से बेहतर लग रहा है—हेडलाइन में कॉलेज + ओ.पी. चंद्रवंशी का संदेश, और अंदर दोनों वक्ताओं की भूमिका साफ़ आ रही है।

