सीपत–बलौदा मुख्य मार्ग पर धूल-गर्द का सैलाब, राहगीर बेहाल: khabar 36 Garh is news sipat ntpc bilaspur chhattisgarh

खम्हरियां से सोठी जेवरा, मड़ई बिटकुला निरतू, कुली से कुकदा आमानारा निरतू सहित मार्ग पर चलना मुश्किल, सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे

धूल के गुबार से दमा-खांसी और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा, ग्रामीण परेशान, जिम्मेदार विभाग मौन

सीपत/ केंद्र व राज्य सरकार सड़कों के लिए घोषणा पे घोषणा कर रहे पर हकीकत तो जमीन पर दिखाई नही दे रहा है। इस कड़ी में सीपत–बलौदा मुख्य मार्ग पर उड़ती धूल और गर्द ने राहगीरों एवं आसपास के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़क से गुजरने वाले वाहनों के कारण उठने वाले धूल के गुबार से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, लगातार धूल के संपर्क में आने से दमा, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ने की आशंका है। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठते नजर नहीं आ रहे हैं।
इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। सड़क से वाहन गुजरते ही धूल के बादल छा जाते हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहन और सड़क का रास्ता तक स्पष्ट दिखाई नहीं देता। ऐसे में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है। धूल के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीपत–बलौदा मार्ग की बदहाली अब आम जनजीवन के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। बरसात के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है, जबकि मौसम खुलते ही धूल का गुबार लोगों को परेशान करने लगता है। यानी राहगीरों को हर मौसम में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
आखिर कब जागेगा लोक निर्माण विभाग?
ग्रामीणों और राहगीरों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सीपत–बलौदा मुख्य मार्ग की दुर्दशा कब दूर होगी? क्या संबंधित विभाग किसी बड़ी दुर्घटना या गंभीर समस्या के बाद ही जागेगा? लोगों को उम्मीद है कि लोक निर्माण विभाग सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर धूल से राहत दिलाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएगा तथा मार्ग के स्थायी सुधार की दिशा में पहल करेगा
