विद्यार्थियों में विचार शक्ति, नवाचार क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है: प्राचार्य डॉ खेर : khabar 36 Garh is news bilaspur chhattisgarh

नई शिक्षा नीति 2020 डिग्री नहीं, दक्षता देती है; युवाओं को बनाएगी आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य

पीएम उषा अंतर्गत कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मिला शिक्षा से रोजगार तक का स्पष्ट रोडमैप
नई शिक्षा नीति 2020 डिग्री नहीं, दक्षता देती है; युवाओं को बनाएगी आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य
नई शिक्षा नीति 2020: शिक्षा से रोजगार तक का सशक्त मार्ग : डॉ. डीके. श्रीवास्तव

Mohammad Nazir Hossain chief editor bilaspur
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर : शासकीय मदनलाल शुक्ल महाविद्यालय सीपत में शनिवार को पीएम उषा योजना के अंतर्गत आयोजित कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य किया। एनईपी. 2020 पाठ्यक्रम से रोजगार की संभावनाएं विषय पर आयोजित इस प्रेरक व्याख्यान में शिक्षा और रोजगार के बीच मजबूत संबंधों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्त्तव्य अधिकारी डॉ. डी.के. श्रीवास्तव, मुख्य अतिथि महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आर.एस. खेर तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. आर.एन. पटेल (पीएम उषा प्रभारी) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों विद्यार्थियों की उत्साही भागीदारी ने इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बना दिया।
शिक्षा का लक्ष्य नौकरी नहीं, योग्य नागरिक बनाना: डॉ. आरएस.खेर
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आर.एस. खेर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 केवल किताबों का ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में विचार शक्ति, नवाचार क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने कहा कि यह नीति शिक्षा को जीवन से जोड़ती है। इसका उद्देश्य ऐसे युवा तैयार करना है जो आत्मनिर्भर हों, समस्याओं का समाधान कर सकें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को समझें और अपने कौशल विकास पर विशेष ध्यान दें।
डिग्री से आगे बढक़र दक्षता की ओर: डॉ. डीके. श्रीवास्तव
मुख्य वक्ता डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने अपने अत्यंत प्रभावशाली व्याख्यान में कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 शिक्षा को सीधे रोजगार और कौशल से जोड़ती है। अब केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं, बल्कि व्यावहारिक दक्षता, तकनीकी कौशल और नवाचार सोच ही युवाओं को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि एनईपी 2020 के तहत बहु विषयक शिक्षा को बढ़ावा , कौशल आधारित पाठ्यक्रम , इंटर्नशिप और उद्योग से जुड़ाव , स्थानीय से वैश्विक रोजगार अवसरों तक पहुँच जैसी व्यवस्थाएं युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति भारत को केवल शिक्षित नहीं, बल्कि रोजगारयुक्त और सक्षम राष्ट्र बनाने की मजबूत नींव रखती है।
स्थानीय से वैश्विक अवसरों की ओर बढ़ते विद्यार्थी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछे और रोजगार की संभावनाओं को लेकर जिज्ञासाएं व्यक्त कीं। संवादात्मक शैली में हुए इस सत्र ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। कई विद्यार्थियों ने स्वीकार किया कि उन्हें पहली बार यह स्पष्ट समझ आया कि उनकी पढ़ाई सीधे उनके करियर और रोजगार से कैसे जुड़ सकती है। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. के. वेणु आचारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कैरियर गाइडेंस संयोजक डॉ. रामप्रसाद चंद्रा ने व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमती श्वेता पांड्या, डॉ. शुभ्रा मिश्रा, जीवन प्रभाकर गोरे, वंदना श्रीवास्तव, डॉ. हेमपुष्पा नायक, दिपेश जोशी, विमल तिवारी, कमलेश सिंह, किशोर यादव सहित महाविद्यालय के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। छात्र-छात्राओं में श्रवण, संगीता, संजना, राहुल सहित सैकड़ों विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। यह कार्यक्रम केवल एक व्याख्यान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए भविष्य निर्माण की दिशा दिखाने वाला मार्गदर्शन सत्र सिद्ध हुआ। नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगार से जोडऩे का जो विजन प्रस्तुत किया गया, उसने विद्यार्थियों के मन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास जगाया। सीपत महाविद्यालय में आयोजित यह पहल निश्चित ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनेगी।









