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आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति ने आदिवासी बालिका को पढ़ाने का किया आह्वान : khabar 36 Garh is news bilaspur chhattisgarh


बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति


          Mohammad Nazir Hossain chief editor Raipur
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ रायपुर, 07 फरवरी 2026/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है।

बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।



अब नया बस्तर – डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने और हिंसा की जगह विकास ने ले ली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। जहाँ कभी तिरंगा नहीं लहरा पाता था, आज वहाँ राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र और संविधान की जीत है।

नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान विकास के मील के पत्थर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। इन योजनाओं से दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। नई पुनर्वास नीति के से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा और भविष्य का उजाला है।

जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की पहचान वनोपज से भी है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाई गई है, चरण-पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गाँव को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँवों में शामिल किया गया है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कोटमसर गुफाएँ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान हैं।

युवा अब हथियार नहीं, खेल और कला से बना रहे पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि बस्तर के युवा अब हथियार नहीं, बल्कि खेल और कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। लाखों युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बदलाव का सबसे सशक्त प्रमाण है।

बस्तर की नई पहचान को मजबूत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है। इससे कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बेटियों के सपनों को उड़ान मिलेगी और बस्तर को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाएँगे, जिस पर पूरे देश को गर्व हो। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया।

कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया तथा कोण्डागांव और बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरणदेव सिंह, सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पांडे, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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