लैलुगा

लैलुगा: निजी भवन में चल रहे आधार सेंटर हुआ सील, अवैध वसूली पर गिरी गाज : khabar 36 Garh is news bilaspur chhattisgarh

तहसीलदार शिवम पांडे की ताबड़तोड़ कार्रवाई, खबर के बाद हरकत में प्रशासन

कार्यवाही से क्षेत्र में मचा हडक़ंप ग्रामीणों ने ली राहत की सांस ।

         Mohammad Nazir Hossain chief editor chhattisgarh

ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ लैलूंगा। लैलूंगा में लंबे समय से चल रहे आधार सेंटर के विवाद पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई कर दी है। शिकायतों और लगातार खबर प्रकाशन के बाद तहसीलदार शिवम पांडे ने निजी भवन में संचालित हो रहे आधार सेंटर को मौके पर पहुंचकर सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
बताया जा रहा है कि आधार सेंटर को शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शासकीय भवन के बजाय निजी भवन में संचालित किया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि केंद्र संचालक द्वारा हितग्राहियों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही थी। आधार कार्ड सुधार, नया पंजीयन और अपडेट के नाम पर लोगों से मनमाने पैसे लिए जा रहे थे।

अवैध वसूली से त्रस्त थे ग्रामीण
ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि उन्हें बार-बार आधार सेंटर बुलाया जाता था। कभी बायोमेट्रिक अपडेट तो कभी दस्तावेज़ में त्रुटि बताकर कई चक्कर लगवाए जाते थे। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा था। मजदूरी करने वाले लोगों को पूरा दिन लाइन में खड़े रहना पड़ता था। लोगों का कहना था कि शासन द्वारा तय दर से अधिक पैसा वसूला जा रहा था, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवार खासे परेशान थे। शिकायतों के बाद जब स्थानीय मीडिया में खबरें प्रमुखता से प्रकाशित हुईं तो प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया।

तहसीलदार का औचक निरीक्षण
तहसीलदार शिवम पांडे ने शिकायत मिलते ही टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। दस्तावेजों की जांच और स्थल निरीक्षण के बाद केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है और यदि और गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शासन के आदेशों की अवहेलना
शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आधार सेवाएं शासकीय भवन में ही संचालित की जाएं, ताकि पारदर्शिता और निगरानी बनी रहे। इसके बावजूद निजी भवन में संचालन किया जाना नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। अब जब प्रशासन ने सख्ती दिखाई है, तो लोगों को उम्मीद है कि आगे ऐसी लापरवाही नहीं होगी।

जनता ने की कार्रवाई की सराहना
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रशासन की सक्रियता की चर्चा जोरों पर है। ग्रामीणों ने तहसीलदार शिवम पांडे की ताबड़तोड़ कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि अवैध वसूली करने वालों पर आगे भी इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि यदि शिकायतें तथ्यात्मक हों और लगातार उठाई जाएं, तो प्रशासन को कार्रवाई करनी ही पड़ती है। फिलहाल आधार सेंटर सील होने के बाद अब आगे की जांच और कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। लैलूंगा में हुई इस कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि नियमों के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की यह सख्ती आने वाले समय में अन्य केंद्रों के लिए भी चेतावनी साबित हो सकती है।

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