प्रमुख मार्गों पर होगा डामर मजबूतीकरण, शहर के साथ ग्रामीण सड़कों की भी सुधरेगी स्थिति: khabar 36 Garh is News bilaspur chhattisgarh

बरसात के गड्ढों से राहगीरों को मिलेगी राहत, बिलासपुर जिले की सड़कों की मरम्मत शुरूउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने शुरू किया काम
शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की होगी डामरीकरण इन राजेंद्र नगर चौक से तारबाहर चौक, महामाया चौक से देवकीनंदन चौक, नेहरू चौक से उसलापुर, संजय तरण पुष्कर से अग्रसेन चौक, पावरहाउस चौक से दर्रीघाट तथा सीपत से बलौदा मार्ग,खम्हरिया–सोठी–नवापारा मार्ग
Mohammad Nazir Hossain chief editor ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर, 22 अक्टूबर 2026/ उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर बिलासपुर में बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के गड्ढों को भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों को सुधारने के लिए पैचवर्क किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रमुख मार्गों पर डामरीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे। इन कार्यों से नागरिकों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और आवागमन सुगम होगा।लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रामतला पहुंच मार्ग तथा महामाया चौक से सेंदरी मार्ग पर डामर मरम्मत का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इन मार्गों के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर सड़क की सतह सुधारी जा रही है। बरसात में प्रभावित अन्य सड़कों पर भी पैचवर्क कर गड्ढे भरे जाएंगे।विभाग द्वारा छह प्रमुख मार्गों पर डामर मजबूतीकरण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। इनमें राजेंद्र नगर चौक से तारबाहर चौक, महामाया चौक से देवकीनंदन चौक, नेहरू चौक से उसलापुर, संजय तरण पुष्कर से अग्रसेन चौक, पावरहाउस चौक से दर्रीघाट तथा सीपत से बलौदा मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों पर मजबूतीकरण से सड़क की सतह बेहतर होगी और वाहन चालकों को राहत मिलेगी।इसके अतिरिक्त सोन से सोनसरी मार्ग, मल्हार–चिल्हाटी मार्ग, जोंधरा–सोन–बसंतपुर मार्ग, खम्हरिया–सोठी–नवापारा मार्ग तथा पत्रकार कॉलोनी पहुंच मार्ग पर भी निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाना है। इन कार्यों से शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण अंचलों में भी आवागमन की सुविधा बेहतर होगी।सड़कों की मरम्मत और मजबूतीकरण से दैनिक आवागमन करने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों एवं व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। क्षतिग्रस्त हिस्सों के सुधार से यातायात अधिक सुगम होने के साथ सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी।