पशु प्रबंधन केवल सरकार का काम नहीं, गांव-गांव की जनता को भी आगे आना होगा: श्वेता शैलेन्द्र खांडेकर



पशु प्रबंधन को लेकर सीपत सरपंच संघ की रणनीतिक बैठक, गांवों में बनेगा ठोस कार्ययोजना

प्रत्येक ग्राम पंचायत अपने-अपने गांव की गायों और अन्य मवेशियों को गांव की सीमा में ही रोके:- सरपंच फिरत अनंत

Mohammad Nazir Hossain chief editor sipat ntpc bilaspur
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ सीपत । सीपत क्षेत्र में पशु प्रबंधन की समस्या और फसलों को होने वाले नुकसान पर अंकुश लगाने के लिए बुधवार को जांजी में सरपंच संघ की विशेष बैठक आयोजित की गई। अध्यक्ष श्वेता शैलेन्द्र खांडेकर ने कहा कि पशु प्रबंधन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए गांव-गांव की जनता को आगे आना होगा।
बैठक के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों ने इस विषय पर एक संयुक्त कार्ययोजना बनाकर प्रशासन को सौंपने का भी निर्णय लिया, ताकि आवश्यक संसाधन और सहयोग समय पर मिल सके। बैठक में मड़ई सरपंच फिरत अनंत ने सुझाव दिया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत अपने-अपने गांव की गायों और अन्य मवेशियों को गांव की सीमा में ही रोके, ताकि वे दूसरे गांव की ओर न जाएं। उन्होंने कहा कि यदि हर गांव अपनी जिम्मेदारी निभाए तो पशु प्रबंधन अपने-आप व्यवस्थित हो जाएगा और किसानों की फसलें भी सुरक्षित रहेंगी।
बैठक की अध्यक्षता खम्हारिया सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष श्वेता शैलेन्द्र खांडेकर ने की. बैठक में आवारा पशुओं से फसल को बचाने, गौठानों की सक्रियता बढ़ाने, पशुओं के टीकाकरण, चारा-पानी की उपलब्धता और ग्रामीणों में जागरूकता फैलाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी सरपंचों ने एकजुट होकर निर्णय लिया कि गांव-गांव में निगरानी दल बनाकर पशुओं की देखरेख और नियंत्रण किया जाएगा। इस अवसर पर उपाध्यक्ष एनल धृतलहरे, सचिव एवं कौवताल सरपंच बसंत साहू, जांजी सरपंच राजेन्द्र पाटले, सीपत सरपंच प्रतिनिधि योगेश वंशकार, देवरी सरपंच रूपचंद रात्रे, मड़ई सरपंच फिरत अनन्त, तथा बनियाडीह सरपंच सरिता तामेश्वर सिदार उपस्थित रहे।

