बाइक टकराने से एक युवक की मौत एक घायल ,सीपत स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से परिजनों में आक्रोश: khabar 36 Garh is news bilaspur chhattisgarh

घटना में दोनों पैर से लगातार खून बहने व इलाज नहीं होने से मोहनपाल पिपर शक्ती निवासी की मौत हो गई

Mohammad Nazir Hossain chief editor bilaspur chhattisgarh
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर: मस्तूरी विकासखंड के सीपत क्षेत्र कौड़ियां पंचायत में दो बाइक सवार आपस में टकराने से एक्सीडेंट होने पर मोहनपाल ग्राम पीपर शक्ति निवासी की मौत हो गई वहीं अमन सोनवानी ग्राम जांजी घायल हुए जहां पर प्राइवेट गाड़ियों से सीपत स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां पर परिजनों ने बताया कि रविवार होने के कारण किसी भी प्रकार का कोई इलाज नहीं घायल युवक का खून बहता रहा जंहा संजीवनी 108 में लें जातें समय मौत हो गई दुसरे का इलाज बिलासपुर में चल रहा है वहीं लोगों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीपत में इस तरह छुट्टी के दिनों में डाक्टर एवं स्टाफ ने मरीज व घायल लोगों के इलाज नहीं करने की लापरवाही बरतने की शिकायत किया गया है और सीपत क्षेत्र के अंतर्गत में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण इलाज के लिए दूर-दूर से मरीज व एक्सीडेंट में घायल लोग आते हैं पर डाक्टरों स्टाफ की इस तरह की लापरवाही से कोई घटना हो सकता है
क्या दुर्घटना की कीमत आम आदमी की जान है.? कब जागेगा सिस्टम.? सड़क पर निकलते समय अब सिर्फ़ ट्रैफिक से नहीं, सिस्टम की लापरवाही से भी डर लगने लगा है। लगता है मानो ज़िंदगी भगवान भरोसे चल रही है—कब, कहाँ और कैसे कोई हादसा हो जाए, किसी को नहीं पता। ग्राम कौड़िया में महाशिवरात्रि पर्व पर 3 दिवस मेला हर वर्ष लगता है जिसमें भोले बाबा के दर्शन करने के लिए दूर दूर से यहां पर लोग आते है जिससे काफी ज्यादा भीड़ उमड़ जाती है गाँव जंजी के रहने वाले अमन सोनवानी अपने परिवार के साथ अपनी गाड़ी में कौड़िया की तरफ जा रहे थे अचानक सामने से चलती गाड़ी मोहन पल गांव पीपर शक्ति के रहने वाले से टकराकर गिरा गए और उनकी मौके पर ही उन दोनों को बहुत गंभीर चोट आई। सवाल यह नहीं है कि चोट कोई आई क्यों गिरा, सवाल यह है कि इस भीड़भाड़ वाले मेले में सही व्यवस्था और किसी दुर्घटनाओं में घयाल की प्राथमिक उपचार की ज़िम्मेदारी किसकी थी.? क्या समय रहते उसकी जांच नहीं हो सकती थी.? इतने बड़े गांव में सरकारी अस्पताल में दुर्घटना होने के बाद प्राथमिक उपचार उपलब्ध नहीं हो सकता.? कुछ दिन पहले भी सीपत मुख्य मार्ग में बेकाबू ट्रक चालक द्वारा दोपहिया वाहन चालक को अपने तेज़ रफ़्तार ट्रक से रौंद दिया गया था और एक दोपहिया वाहन चालक की जान चली गई। वह रोज़ की तरह काम पर निकला था, उसे क्या पता था कि रास्ता ही उसका क़ातिल बन जाएगा ये घटनाएं हादसे नहीं, चेतावनियां हैं। भ्रष्टाचार, घटिया प्रशासनिक व्यवस्था और लापरवाह निगरानी का नतीजा आम जनता भुगत रही है। जांच होती है, बयान आते हैं, मुआवज़ा घोषित होता है—और फिर सब भूल जाते हैं। लेकिन जिन घरों से लोग नहीं लौटते, उनके लिए मुआवज़ा नहीं, जवाबदेही चाहिए।









