कैंसर विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला: जन-जागृति और स्वास्थ्य सुरक्षा की एक अनूठी पहल, khabar 36 Garh is news bilaspur chhattisgarh


Mohammad Nazir Hossain chief editor

ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर: कैंसर मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 13 अगस्त 2026 को मस्तूरी विकासखंड के बिटकुला संकुल में एक महत्वपूर्ण कैंसर विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन जन-जागृति और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम है।
इस कार्यशाला के दौरान काउंसलर काजल पटले जी द्वारा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के संबंध में दी गई विस्तृत जानकारी ने उपस्थित जनों को गहराई से जागरूक किया। किसी भी स्वास्थ्य अभियान की सफलता के लिए जनता में उसकी तह तक समझ होना आवश्यक है, और ऐसे प्रशिक्षण सत्र इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु एवं उद्देश्य आयोजन 13 अगस्त 2026 दो दिवसीय कार्यशाला का प्रथम दिवस बिटकुला संकुल, मस्तूरी विकासखंड
मुख्य विषय: कैंसर विषय प्रशिक्षण कार्यशाला (कैंसर मुक्त भारत अभियान)
प्रशिक्षण का महत्व:
प्रारंभिक पहचान (Early Detection): कैंसर के लक्षणों की समय पर पहचान होने से इसका इलाज अधिक प्रभावी और सफल हो सकता है।
जागरूकता प्रसार: शिक्षकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय को प्रशिक्षित करके जानकारी को घर-घर तक पहुँचाना।
जीवनशैली में सुधार: तंबाकू, धूम्रपान और अन्य हानिकारक आदतों के दुष्प्रभावों से सचेत कर एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना।
काउंसलर काजल पटले द्वारा प्रस्तुत प्रमुख विषय एवं विवरण
क. कैंसर के प्रमुख कारण
तंबाकू और धूम्रपान: सिगरेट, बीड़ी, गुटका और खैनी का सेवन (विशेषकर मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण)।
अस्वास्थ्यकर खान-पान: अनहेल्दी, जंक फूड और अत्यधिक प्रसंस्कृत (processed) भोजन का सेवन।
शराब का सेवन: नियमित और अत्यधिक मात्रा में अल्कोहल का उपयोग।
आनुवंशिक कारण (Genetics): परिवार में कैंसर का इतिहास होना।
पर्यावरणीय कारक: हानिकारक रसायनों, प्रदूषण और विकिरण (radiation) के संपर्क में आना।
क. कैंसर के प्रकार
मुख और गले का कैंसर: तंबाकू उत्पादों के सेवन से सबसे अधिक होने वाला प्रकार।
स्तन कैंसर (Breast Cancer): महिलाओं में होने वाला एक प्रमुख कैंसर, जिसकी समय पर जांच बेहद जरूरी है।
गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर (Cervical Cancer): महिलाओं में होने वाला अन्य सामान्य कैंसर।
फेफड़ों का कैंसर: वायु प्रदूषण और धूम्रपान से जुड़ा हुआ।
ब्लड कैंसर (Leukemia): रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करने वाला प्रकार।
ग. कैंसर का प्रभाव
शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर असर: मरीज और उसके परिवार को भारी शारीरिक पीड़ा, मानसिक तनाव और भावनात्मक संघर्ष से गुजरना पड़ता है।
आर्थिक बोझ: लंबे और महंगे इलाज के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
सामाजिक प्रभाव: समाज में इस बीमारी को लेकर व्याप्त भ्रांतियां, जो कई बार मरीज के मनोबल को प्रभावित करती हैं।
घ. बचाव के उपाय
नशे से दूरी: तंबाकू, सिगरेट और शराब का सेवन पूरी तरह बंद करना।
संतुलित आहार: ताजे फल, हरी सब्जियां और पौष्टिक आहार को दैनिक जीवनशैली में शामिल करना।
नियमित व्यायाम: शारीरिक रूप से सक्रिय रहना और योग को अपनाना।
नियमित स्वास्थ्य जांच (Regular Screening): समय-समय पर मेडिकल चेकअप करवाना ताकि शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान हो सके।
कार्यशाला का संचालन और उपस्थिति
विकासखंड मस्तूरी से जारी निर्देशानुसार यह प्रशिक्षण दो दिवसीय आयोजित किया जा रहा है, जिसमें व्यवस्था बनाए रखने के लिए 50% शिक्षक आज 13/08/2026 को तथा शेष 50% शिक्षक कल 14/08/2026 को अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।
प्रारंभिक संबोधन: संकुल शैक्षिक समन्वयक श्री विजय गौरहा द्वारा कार्यशाला के उद्देश्यों पर सारगर्भित प्रकाश डाला गया।
तकनीकी प्रबंधन: शिक्षक श्री उमेश कुमार द्वारा तकनीकी प्रबंधन की सराहनीय भूमिका निभाई गई। इस कार्यशाला में
श्रीमती आशा प्रसाद प्राचार्य, संकुल बिटकुला विजय गौरहा संकुल शैक्षिक समन्वयक
श्री रोहित खूंटे वरिष्ठ व्याख्याता
पूर्व माध्यमिक शाला मड़ई: शिक्षक उमेश कुमार, रणजीत पाटनवार कुली, शिक्षक नरेंद्र पाटनवार प्राथमिक शाला निरतु: शिक्षिका गमला कश्यप, पुष्पा कंवर, प्रमोद बरकडे
प्राथमिक शाला पिपरानार: प्रधान पाठक विनोद कुर्रे
पूर्व माध्यमिक शाला बिटकुला: प्रधान पाठक रविशंकर लस्कर, वरिष्ठ शिक्षक जयनारायण पाण्डेय, शारदा पाटनवार
सरस्वती शिशु मंदिर बिटकुला: प्रधान पाठक श्रीमती सरिता पाटनवार, शिक्षक सरिता लस्कर, दीपिका पटेल, मंजुलता राजवाड़े, बिन्दुलता घोंसले
विवेकनन्द उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिटकुला: वरिष्ठ व्याख्याता कड़ी शंकर साहू, राजेश कुमार ठाकुर
उपस्थित प्रमुख गणमान्य एवं शिक्षकगण:
निष्कर्ष एवं संदेश: काउंसलर काजल पटले द्वारा दी गई यह सारगर्भित जानकारी निश्चित ही उपस्थित लोगों में स्वास्थ्य के/प्रति एक नई चेतना जगाएगी। यह कार्यशाला समाज को इस गंभीर बीमारी से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने और ‘कैंसर मुक्त भारत अभियान’ को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में बेहद मददगार साबित होगी।









