सीमेकॉन (CIMECON) 2026 के प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप एवं वैज्ञानिक सत्र का शुभारंभ : khabar 36 Garh is news Raipur Chhattisgarh


Mohammad Nazir Hossain chief editor
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर 28 फरवरी 2026/ एसईसीएल की मेजबानी में आयोजित की जा रही कोल इंडिया मेडिकल कॉन्फ्रेंस सीमेकॉन (CIMECON) 2026 के अंतर्गत आज प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप एवं वैज्ञानिक सत्र का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री बिरंची दास, निदेशक (मानव संसाधन), एसईसीएल द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में श्री बिरंची दास ने कहा कि “हेल्दी माइन्स” केवल एक थीम नहीं, बल्कि आने वाले समय की चुनौतियों का सामना करने की हमारी सामूहिक तैयारी का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भविष्य में एक स्वस्थ, सक्षम और सजग कार्यबल ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति होगी। इसलिए व्यावसायिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाना, खदान क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जाँच, समयबद्ध निदान तथा उन्नत चिकित्सा पद्धतियों का प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर भी बात की।
इस अवसर पर डॉ. श्रुतिदेव मिश्रा, चिकित्सा सेवा प्रमुख, एसईसीएल, डॉ. कल्याण सरकार, चिकित्सा सेवा प्रमुख, सोहागपुर क्षेत्र तथा डॉ. अरिहंत जैन, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आईवीएचसी (इंदिरा विहार), एसईसीएल, एवं विभिन्न अनुषंगी कंपनियों एवं देश के बड़े अस्पतालों से आए सहित चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रथम वैज्ञानिक सत्र में ऑक्यूपेशनल हेल्थ पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें स्पाइरोमेट्री, चेस्ट एक्स-रे, ILO रेडियोग्राफ्स एवं न्यूमोकोनियोसिस तथा IME एवं PME से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इन विषयों के माध्यम से खदान क्षेत्रों में प्रचलित श्वसन संबंधी रोगों की पहचान, रोकथाम एवं प्रभावी प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया।
द्वितीय वैज्ञानिक सत्र में इस्केमिक हृदय रोग में ईसीजी की भूमिका पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें हृदय रोगों के शीघ्र निदान एवं उपचार में ईसीजी की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। प्रस्तुतियों के दौरान व्यावहारिक उदाहरणों एवं केस-आधारित चर्चा के माध्यम से चिकित्सकों को उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
दोपहर बाद आयोजित डीएनबी सत्र में युवा चिकित्सकों द्वारा जटिल चिकित्सीय विषयों पर केस प्रस्तुतियाँ दी गईं। इनमें कोयला खनिक में हेमोप्टाइसिस के कारणों की समीक्षा, युवा वयस्कों में हाइपरट्रॉफिक ऑब्स्ट्रक्टिव कार्डियोमायोपैथी तथा हाइपरऑस्मोलर हाइपरग्लाइसेमिक नॉन-कीटोटिक अवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। सत्र में निर्णायक मंडल द्वारा प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया गया।
सीमेकॉन 2026 में कोल इंडिया एवं उसकी सहायक कंपनियों सहित विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के 250 से अधिक चिकित्सक भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का प्रथम दिन ज्ञानवर्धक चर्चाओं एवं सार्थक विमर्श के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने आगामी सत्रों के लिए एक सशक्त आधार प्रदान किया।
जनसंपर्क अधिकारी एसईसीएल बिलासपुर









