रिचार्ज का पैसा शहरों के बराबर, तो गांवों के साथ ये सौतेला व्यवहार क्यों: सीपत क्षेत्र के 25 गांवों में ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ के खिलाफ फूटा ग्रामीण युवाओं का आक्रोश, डिप्टी कलेक्टर शिव बैनर्जी ने तत्काल संभाला मोर्चा khabar 36 Garh is news Raipur Chhattisgarh

Jio, Airtel और BSNL कंपनियों के खिलाफ युवा शक्ति संगठन का हल्लाबोल, कलेक्टर कार्यालय में सौंपा तकनीकी ज्ञापन

डिप्टी कलेक्टर ने मौके पर ही कंपनियों का नाम नोट कर जारी किया कड़ा निर्देश; कहा- ‘जल्द सुधरेगी नेटवर्क क्षमता
Mohammad Nazir Hossain chief editor ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर:
“रिचार्ज का पैसा शहरों के बराबर, तो गांवों के साथ ये सौतेला व्यवहार क्यों?” इसी सुलगते सवाल के साथ आज ‘युवा शक्ति संगठन’ के बैनर तले सीपत क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों के युवाओं ने जिला कार्यालय में जोरदार दस्तक दी। कुली, खम्हरिया, मडई, ऊनी, सोठीं, कर्रा और जेवरा सहित करीब 25 गांवों में मोबाइल नेटवर्क की बदतर और वेंटिलेटर पर चल रही स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।इस दौरान संगठन से प्रमुख रूप से अजय यादव, श्रवण वस्त्रकार, महेश्वर नेताम, धर्मेन्द्र पटेल, सूरज यादव, शशिकांत और श्याम सुंदर के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल रहे।
कंपनियों की खुली लूट: 4G/5G के नाम पर मिल रही 2G की स्पीड
युवा शक्ति संगठन के प्रतिनिधि अर्जुन वस्त्रकार ने बेहद कड़े शब्दों में टेलीकॉम कंपनियों को घेरते हुए कहा कि Jio, Airtel और BSNL जैसी बड़ी कंपनियां ग्रामीणों की जेब तो पूरी काट रही हैं, लेकिन सेवा के नाम पर धोखा दे रही हैं। उन्होंने बताया, “ग्रामीण क्षेत्रों में लगे टावरों की ‘बैकहॉल क्षमता’ (Network Capacity) और ‘फ्रीक्वेंसी’ (Frequency) आबादी के अनुपात में बेहद घटिया स्तर की है। लोड बढ़ते ही नेटवर्क पूरी तरह क्रैश हो जाता है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में हमारे गांवों के बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, बुजुर्गों का राशन दुकान में ई-केवाईसी (अंगूठे का निशान) नहीं ले रहा है और आपातकाल में एम्बुलेंस को फोन तक नहीं लगता। यह गांवों के साथ सीधा-सीधा डिजिटल भेदभाव है।”
ज्ञापन मिलते ही प्रशासनिक एक्शन में आए डिप्टी कलेक्टर शिव बैनर्जी
मामले की गंभीरता और युवाओं के तीखे तेवरों को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत तत्परता के मोड में आ गया। मौके पर मौजूद डिप्टी कलेक्टर श्री शिव बैनर्जी ने इस संवेदनशील जनहित के मुद्दे को हाथों-हाथ लिया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए मौके पर ही समस्या का संज्ञान लेते हुए गड़बड़ी करने वाली तीनों प्रमुख कंपनियों (Jio, Airtel, BSNL) का नाम दर्ज किया।
डिप्टी कलेक्टर ने ज्ञापन में उल्लेखित तकनीकी खामियों की तुरंत मार्किंग की और टेलीकॉम कंपनियों व संबंधित नोडल अधिकारियों को तत्काल ‘फ्रीक्वेंसी ऑप्टिमाइजेशन’ और नेटवर्क सुधार करने के लिए कड़ा पत्र फॉरवर्ड (प्रेषित) कर दिया।
उन्होंने युवा शक्ति संगठन के प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया कि ग्रामीणों को इस समस्या से जल्द से जल्द निजात दिलाई जाएगी और कंपनियों की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।
सुधार नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
युवा शक्ति संगठन ने साफ किया है कि प्रशासनिक निर्देश के बाद अब वे कंपनियों की जमीनी कार्रवाई पर नजर रखेंगे। संगठन के प्रतिनिधि अर्जुन वस्त्रकार ने कहा कि यदि तय समय-सीमा के भीतर सीपत क्षेत्र के टावरों को तकनीकी रूप से अपग्रेड नहीं किया गया, तो क्षेत्र के हजारों ग्रामीण टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।









