सीपत-बलौदा मुख्य मार्ग बना गड्ढों का तालाब,गड्ढों में फंसा बस ; राहगीर भगवान भरोसे : khabar 36 Garh is news Raipur Chhattisgarh

कुली खम्हरियां धनिया खांडा में सड़कें नहीं सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे हैं।, अंधाधुंध गाड़ियां चलाने से बाइक सवारों बरसात में गड्डे नहीं पानी दिखता है

Mohammad Nazir Hossain chief editor
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ सीपत । जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सीपत से बलौदा मुख्य मार्ग पिछले एक साल से बदहाली के आंसू रो रहा है। इस पूरी सड़क पर गड्ढों का राज है। कुछ दिनों पूर्व लगातार अखबारों और सोशल मीडिया पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) नींद से तो जागा वहीं आज दोपहर बाद धनिया पेट्रोल पंप पर गड्ढों यात्री बस फंसा मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति कर गई। अब बरसात में सड़कों की हालत दयनीय स्थिति में है, जो अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुका है।
कुली खम्हरियां धनिया खांडा में सड़कें नहीं सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे हैं।, अंधाधुंध गाड़ियां चलाने से बाइक सवारों बरसात में गड्डे नहीं पानी दिखता है
मरम्मत के नाम पर डाली गई गिट्टी और बारीक डस्ट बरसात में नहीं है अब भारी वाहनों के चलने गड्ढों में पानी तैर रही है। आलम यह है कि सड़क पर गाड़ियों के गुजरते ही बाइक सवारों के उपर पानी की बौछार सड़कों पर गड्ढे चलना मुश्किल वहीं रोजाना सुबह शाम हादसे । इस गड्ढों से दुपहिया (बाइक) चालकों को गड्ढा पानी के शिवा कुछ दिखाई नहीं देता, जिससे हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। राहगीरों और ग्रामीणों का इस मार्ग पर पैदल या बाइक से चलना पूरी तरह दूभर हो चुका है।
सड़कों की मरम्मत होती तो, आज बरसात के मौसम पर यह हाल नहीं होता
हैरानी की बात यह है कि पीडब्ल्यूडी विभाग गड्ढों में गिट्टी डालकर यह पूरी तरह भूल चुका है कि इस मुख्य मार्ग का नए सिरे से निर्माण कार्य भी शुरू होना था। अब सिर पर मानसून (बरसात) है। बारिश से पहले इस सड़क की सुध नहीं ली गई जो अब गिट्टी कीचड़ के दलदल में तब्दील हो गई, जिससे पूरा मार्ग ब्लॉक होने की कगार पर पहुंच जाएगा। गड्ढा पानी कीचड़ के कारण राहगीर का चलना मुश्किल है
राहगीर ग्रामीणों में आक्रोश, ‘भगवान भरोसे’ सफर
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और विभाग को बार-बार आगाह करने के बाद भी सिर्फ ‘पैच वर्क’ के नाम पर दिखावा किया गया है और अब सज़ा के तौर पर हम राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैये के कारण अब राहगीर भगवान भरोसे इस खतरनाक सफर को तय करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का डामरीकरण या स्थायी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, क्षेत्र के ग्रामीण उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।










