कलेक्ट्रेट हलचल: PWD की सुस्ती पर प्रशासनिक चाबुक, डिप्टी कलेक्टर शिव बनर्जी ने SE ग्रोवर को दी 72 घंटे की मोहलत : khabar 36 Garh is News bilaspur chhattisgarh


जनआंदोलन की तैयारी पूरी, 10 हजार लोग होंगे शामिल: अर्जुन वस्त्रकार

Mohammad Nazir Hossain chief editor
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर : सीपत-कुली-खम्हरिया मार्ग की जर्जर स्थिति और उड़ती भयंकर धूल के कारण क्षेत्रवासियों का जनआक्रोश चरम पर पहुंच गया है। जनदर्शन में उग्र विरोध के बाद डिप्टी कलेक्टर शिव बनर्जी ने PWD के अधीक्षण अभियंता (SE) ग्रोवर को सख्त निर्देश देते हुए 72 घंटे (3 दिन) के भीतर सड़क निर्माण एवं राहत कार्य शुरू करने का कड़ा फरमान जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में एडीएम की पहल पर सड़क निर्माण के लिए *₹19.84 करोड़* स्वीकृत किए जा चुके हैं, लेकिन PWD विभाग की हीलाहवाली के कारण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो सका है।
सड़क हादसे में महिला की मौत: पुलिस और प्रशासन के रवैये पर आक्रोश
गत 6 सितंबर 2026 को इस ‘डेथ ट्रैप’ बन चुकी सड़क पर दुर्घटना में एक 35 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सीपत नायब तहसीलदार के निर्देश पर पहुंचे पटवारी अमर दहायत ने केवल आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया, जबकि पीड़ित परिवार को आज तक मुआवजा नहीं मिला।
इसके साथ ही, सीपत थाना प्रभारी (TI) के गैर-जिम्मेदाराना बयान — “रोज मर रहे हैं हजारों लोग सड़क दुर्घटना में, यह कोई बड़ी बात नहीं है” — ने आग में घी डालने का काम किया है।
अर्जुन वस्त्रकार ने बताया कि:
“आंदोलन की पूरी तैयारी संपन्न हो चुकी है। क्षेत्र के सभी जनसंगठनों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक विपक्षी दलों और गांव-गांव में लगातार बैठकें जारी हैं। इस ऐतिहासिक आंदोलन में लगभग 10 हजार आम नागरिक और ग्रामीण शामिल होंगे। आज पूरा क्षेत्र प्रशासनिक उपेक्षा और अन्याय का दंश झेल रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रमुख मांगें:
सड़क निर्माण: ₹19.84 करोड़ की स्वीकृत राशि से निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाए।
धूल से राहत: मार्ग पर प्रतिदिन 4 से 5 बार नियमित पानी का छिड़काव हो।
मुआवजा: मृतक महिला के परिजनों को अविलंब शासकीय सहायता राशि दी जाए।
नो-एंट्री लागू: स्कूली समय (सुबह एवं शाम) में भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित हो।
प्रकाश व्यवस्था: कुली से खम्हरिया-सीपत तक पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।
जवाबदेही: संवेदनहीन बयान देने वाले सीपत टीआई और जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए।
मांग पत्र के साथ अधिकारियों के समक्ष अर्जुन वस्त्रकार एवं मोहम्मद नज़ीर हुसैन के साथ मुख्य रूप से युवा शक्ति संगठन से अजय यादव, श्याम सुंदर, वीरेंद्र सूर्या एवं रवि कुमार तथा भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।















