सीपत क्षेत्र के पंचायत में मास्टर रोल पर रोजगार सहायक के परिवारों का फर्जी नाम , आवास हितग्राहियों से कमीशन मांगने धमकाने का लगा आरोप khabar 36 Garh news Raipur Chhattisgarh

जांच कर बर्खास्तगी की मांग रोज़गार सहायक के खिलाफ पंच ग्रामीणों ने उठाई आवाज़

Mohammad Nazir Hossain chief editor
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ बिलासपुर: मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत कौड़िया में पदस्थ रोजगार सहायक सरोज वैष्णव पर आवास योजना और मनरेगा के कार्यों में भारी अनियमितता करने के आरोप लगे हैं। पंचायत के पंचों और ग्रामीणों ने बिलासपुर कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर रोजगार सहायक को पद से बर्खास्त करने की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि रोजगार सहायक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत किए जाने वाले कार्यों में पैसे का लेन-देन किया जाता है। हितग्राहियों से राशि दिलाने के नाम पर कमीशन मांगा जाता है और कई मामलों में फर्जी मास्टर रोल तैयार कर भुगतान निकाल लिया जाता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि रोजगार सहायक ने अपने परिवार के कई सदस्यों और परिचितों के नाम मास्टर रोल में दर्ज कर राशि का भुगतान अपने पास रख लिया। जब इस संबंध में पंचों और ग्रामीणों ने सवाल उठाया तो उन्हें धमकाते हुए कहा गया कि “जो शिकायत करना है कर लो।” इससे गांव में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों ने शिकायत में कई मामलों का उल्लेख किया है। बताया गया कि संतोषी बाई पति बल्देव के नाम स्वीकृत आवास (आईडी सीएच 114802692) की राशि का 1827 रुपये प्रवीण कुमार वैष्णव के रोजगार कार्ड में डाला गया, जो कि रोजगार सहायक का भतीजा बताया जा रहा है। इसी तरह प्रांजल वैष्णव पिता शत्रुहन, जो रोजगार सहायक का पुत्र है, उसके नाम भी आवास से संबंधित भुगतान दर्ज होने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में आगे कहा गया कि कौशिल्याबाई (आवास आईडी सीएच 115124603) के नाम से 2871 रुपये, अशोक कुमार गोंड़ पिता महेत्तर गोंड़ (सीएच 114802871) के नाम से 1817 रुपये, संतोषी वस्त्रकार पति शिवराम (सीएच 114802424) के नाम से 1827 रुपये, लक्ष्मीनबाई पति बिसाहू धोबी (सीएच 114802617) के नाम से 1827 रुपये तथा सुमित्राबाई गोंड़ पति गोकुल गोंड़ (सीएच 118440355) के नाम से 1827 रुपये के भुगतान में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा मनरेगा के कार्यों में भी अनियमितता की बात कही गई है। शिकायत के अनुसार कुमुदनी पति प्रवीण, जो रोजगार सहायक की बहू बताई जा रही है, उसके जॉब कार्ड नंबर सीएच 01023013001887 के माध्यम से पानी टंकी से अशोक पटेल के घर तक के कार्य में 1400, 1400, 522 और 1050 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। इसी प्रकार इंदूलता पति बसंत वैष्णव (जॉब कार्ड नंबर सीएच 01023013001489), जो कि रोजगार सहायक की बहू बताई जा रही है, उसके नाम से तुलसी राठौर के घर से चेकर तक और पानी टंकी से अशोक पटेल के घर तक के कार्यों में 783, 1400, 1400 और 2349 रुपये का भुगतान दर्ज होने का आरोप है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बसंत वैष्णव, जो रोजगार सहायक का भतीजा बताया जा रहा है, उसके नाम से भी आवास और रोजगार गारंटी से संबंधित भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा हितग्राही मूलक समतलीकरण जैसे कार्यों में भी लाभार्थियों से पैसे की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है। पंचों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि रोजगार सहायक और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों, जॉब कार्ड नंबर और सीएच नंबर की विस्तृत जांच कराई जाए तो पंचायत में बड़े पैमाने पर हुए अनियमितता और भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है। ग्रामीणों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर रोजगार सहायक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए।
जिला पंचायत सीईओ, संदीप अग्रवाल……
शिकायत आवेदन प्राप्त हुआ है। मस्तूरी जनपद कार्यालय द्वारा जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के पश्चात जो भी मामले में दोषी पाए जाते हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








