ग्राम गुड़ी: करंट की चपेट में आने से 17 वर्षीय युवक की मौत, 11 केवी लाइन का तार टूटकर गिरा: khabar 36 Garh is news Raipur Chhattisgarh

पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर बिजली कार्यालय पहुंचे परिजन, मुआवजे की मांग; नियमानुसार 4.50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दिलाने का दिया आश्वासन

Mohammad Nazir Hossain chief editor
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ सीपत/ बिलासपुर :– ग्राम गुड़ी देउरपारा में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने मुआवजे की मांग की और पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर सीपत स्थित बिजली कार्यालय पहुंच गए। जानकारी के अनुसार, ग्राम गुड़ी देउरपारा निवासी भुनेश्वर साहू का 17 वर्षीय पुत्र हिमांशु साहू रविवार रात करीब 10:30 बजे खाना खाने के बाद घर के पास टहलने निकला था। इसी दौरान करीब 11 बजे अचानक 11 केवी विद्युत लाइन का तार शॉर्ट सर्किट होने के बाद टूटकर नीचे गिर गया। युवक इसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन और ग्रामीण शव लेकर सीपत स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे तथा उचित मुआवजा की मांग की। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मोहल्ले से 11 केवी लाइन गुजर रही है, वह काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि इस लाइन को तत्काल बदला जाए तथा आबादी के बीच से गुजर रही लाइन को दूसरी ओर स्थानांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले दिसंबर माह में भी इसी 11 केवी लाइन की चपेट में आने से पैरावट में आग लगने की घटना हुई थी, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। उनका कहना है कि यह दूसरी बड़ी घटना है, इसलिए अब स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। सीपत वितरण केंद्र के सहायक अभियंता (एई) कौशल जायसवाल ने बताया कि घटना अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि शासन के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज और वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक के परिजनों को लगभग 4.50 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि दिलाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों द्वारा उठाई गई मांगों का परीक्षण कराया जाएगा। यदि लाइन को स्थानांतरित करने अथवा बदलने की आवश्यकता होगी तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।









