सऊदी अरब: दिन में 45 से 50 डिग्री होने के बाद शाम को सूरज ढलते तक पारा आधा हो जाता है, रात में ठंडी हवा भी चलने लगती है,अल्लाह के घर और नबी के दर में हाजियों कोई तकलीफ नहीं: khabar 36 Garh is news Raipur Chhattisgarh


Mohammad Nazir Hossain chief editor
ख़बर 36 गढ़ न्यूज़ रायपुर: मोहम्मद जाकिर घुरसेना साहब रायपुर लिखते हैं कि सऊदी हुकूमत ने हाजियों को तकलीफ न हो इस गरज से ऐसा एयर कूलिंग सिस्टम लगाया है जो दुनिया के लोगों के लिए आज भी अजूबा बना हुआ है, चाह कर भी ऐसा सिस्टम डेवलप नहीं कर पा रहे हैं। मक्का मुकर्रमा में हरम शरीफ के आलावा दीगर मसाजिद में और मदीने शरीफ में मस्जिदे नबवी के अलावा दूसरी कई मसाजिद में ऐसा मार्बल लगा है कि आसमानी टेम्प्रेचर कितना भी हो मार्बल ठंडा ही रहता है जहां लोग नंगे पैर इत्मीनान से चलते हैं। बताया जाता है कि यह मार्बल मिस्र के पहाड़ से लाया गया था जो अब लगभग खत्म हो चुका है। मजे की बात दिन में 45 से 50 डिग्री होने के बाद शाम को सूरज ढलने तक पारा आधा हो जाता है। और रात में ठंडी हवा भी चलने लगती है। यही हाल मुजदल्फा का भी है जहां लोग जमीन पर चटाई बिछाकर सोते हैं और एक बूंद पसीना तक नहीं निकलता। यहां साथ ही लोग ये भी नहीं बोल सकते कि अल्लाह के घर और नबी के दर में उन्हें तकलीफ हुई हो। आसमानी टेम्प्रेचर 45 से 50 डिग्री होने के बावजूद हाजी मजे से लब्बैक कहते हुए आगे बढ़ रहे होते हैं। क्या बात है ऐसा मंजर कहीं देखा नहीं, साफ सफाई ऐसी कि कपड़े एक हफ्ता और उसके बाद भी गंदे नहीं होते। मुजदल्फा में जहां जिधर देखो जमीन में चटाई डाल कर लोग पड़े हैं। मुज़दलफ़ा हमें याद दिलाता है कि न कोई रुतबा, न कोई दौलत, न कोई गोरा न कोई काला,न कोई छोटा न कोई बड़ा बस रूहें, जो एक ही आसमान के नीचे रहमत की तलबगार हैं और दुआ कर रहे हैं। यहां लोगों को अल्लाह के घर का तवाफ का मौका मिला है वे अदब एहतराम का खास ख्याल रखते हैं। यही इस्लाम है, यही इत्तेहाद है, यही इत्तेफाक है, यही यूनिटी है, यही यक जहती है, यही समानता है, यही एकजुटता है, यही हज है। अल्लाह पाक हम सब मुसलमानों को एक और नेक बनाए और अपने घर का, नबी सअव के रोजे पाक का जियारत नसीब फरमाए… आमीन सुम्मा आमीन









